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फसलों को फायदा पहुंचाने वाले पक्षी

The Crops Beneficial Bird


फसलों को फायदा पहुंचाने वाले पक्षी 



पक्षियों को देखकर अक्सर हमें सिर्फ उनकी सुंदरता और मधुर आवाज याद आती है। लेकिन 

क्या आप जानते हैं कि खेतों में दिखाई देने वाले कई पक्षी फसलों और किसानों के लिए 

प्राकृतिक मददगार भी होते हैं?

आप सोच रहे हो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले पक्षियों के बारे में तो सुना है क्योंकि के 

पक्षी फसलों को खाकर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन आज हम बात कर रहे हैं फसलों को 

फायदा पहुंचाने वाले पक्षियों के बारे में

ये पक्षी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों, लार्वा और चूहों को खाते हैं। इस तरह 

वे खेतों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ पक्षी तो 

एक दिन में बड़ी संख्या में कीड़े खा सकते हैं।


आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ पक्षियों के बारे में, जो फसलों को फायदा 

पहुंचाते है जो खेती और फसलों के लिए उपयोगी माने जाते हैं।



1. गौरैया 

House Sparrow


गौरैया हमारे घरों और खेतों के आसपास आसानी से दिखाई देती है। प्रजनन के मौसम में 

गौरैया अपने बच्चों के लिए बड़ी संख्या में छोटे कीड़े और उनके लार्वा जुटाती है। इस वजह से 

यह आसपास के कीटों को नियंत्रित करने में योगदान देती है। घरेलू गौरैया आज संकट में है 

इसलिए हम सबको मिलकर इसको बचाना बेहद जरूरी है गौरैया को कैसे बचाया जा सकता 

है इसके लिए हमारी यह वीडियो देखें


2. उल्लू 


उल्लू फसलों के लिए बेहद उपयोगी पक्षी माना जाता है। यह रात में शिकार करता है चूहों को 

पकड़ता है। खेतों में चूहों की संख्या कम होने से फसलों को होने वाला नुकसान भी घट सकता 

है इस तरह उल्लू फसलों को फायदा पहुंचाते हैं



3. मैना


मैना अक्सर खेतों और खुले मैदानों में भोजन की तलाश करती दिखाई देती है। यह टिड्डे, कीड़े, 

दीमक और कई अन्य छोटे जीव खाती है। इसलिए खेती वाले क्षेत्रों में इसकी मौजूदगी उपयोगी 

हो सकती है।


4. अबाबील


अबाबील की खासियत है कि यह उड़ते हुए ही छोटे-छोटे कीड़ों को पकड़ लेती है। यह कई 

उड़ने वाले कीड़ों को अपना भोजन बनाती है और इस तरह खेतों के आसपास कीटों को 

नियंत्रित करने में प्राकृतिक योगदान देती है।


5. बुलबुल 


बुलबुल अपनी खूबसूरत आवाज के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसका महत्व केवल इसकी आवाज 

तक सीमित नहीं है। यह कई प्रकार के छोटे कीड़े और लार्वा भी खाती है। इसलिए बगीचों और 

कृषि क्षेत्रों में यह उपयोगी पक्षी है।


6. कठफोड़वा


कठफोड़वा पेड़ों के तने पर अपनी मजबूत चोंच की चोट से खोद कर अंदर छिपे कीड़ों को 

खोजता है। पेड़ों में रहने वाले कई कीड़े इसका भोजन बनते हैं। इस कारण यह पेड़ों और कृषि 

क्षेत्र के आसपास कीट नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और फसलों को फायदा 

पहुंचता है


7. बाज 

Eagle


बाज जैसे शिकारी पक्षी खेतों के आसपास चूहों और दूसरे छोटे जीवों का शिकार करते हैं। 

इनकी मौजूदगी खेतों में चूहों की संख्या को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रखने में मदद कर 

सकती है। जिससे फसलों को चूहों के खाने से बचते हैं और बाज फसलों को फायदा पहुंचाते हैं 


8. कोयल 


कोयल को हम उसकी मधुर आवाज के लिए जानते हैं। लेकिन यह कई तरह के कीड़े और 

लार्वा भी खाती है। इसके भोजन में कुछ ऐसे कीट भी शामिल होते हैं जो पेड़ों और पौधों को 

नुकसान पहुंचा सकते हैं।


9. बगुला


बगुला अक्सर खेतों, तालाबों और पानी के आसपास दिखाई देता है। यह कीड़े, छोटे जलीय 

जीव और दूसरे छोटे प्राणी खाता है। खेतों के आसपास यह प्राकृतिक खाद्य-श्रृंखला का हिस्सा 

है। जिससे इकोसिस्टम मेंटेन रहता है और फैसले अच्छी होती है


10. हुदहुद


हुदहुद अपनी लंबी और पतली चोंच की मदद से जमीन में छिपे कीड़े और उनके लार्वा 

निकालकर खाती है। यह खेतों में भोजन तलाशते हुए कई तरह के छोटे जीवों को खा जाती है, 

जिससे कीट नियंत्रण में मदद मिल सकती है।


11. हरियल


हरियल फूल पत्तियों पर होने वाले छोटे लार्वा या कीड़े मकोड़े को खाकर फसलों को बचाते हैं

हरियल अक्सर पेड़ों पर ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं कभी जमीन पर नहीं आते अगर आप 

भी जानना चाहते हैं कि हर्बल जमीन पर क्यों नहीं उतरते तो हमारी यह वीडियो देखें 


12. तीतर और बटेर

Quail


तीतर और बैटर ज्यादातर जमीन पर ही रहते हैं वहीं पर खाना खाते हैं और पानी पीते हैं वहीं 

पर अपने घोंसले बनाते हैं तीतर और बाते छोटे कीड़े मकोड़े और घास के बीजों को खाकर 

नियंत्रित करते हैं 

तीतर बटेर की सबसे खास बात यह है कि दीमक को भी खाकर अपना भोजन बना लेते हैं जो 

कि दिमाग पेड़ों की जड़ों में लगकर फसलों को बर्बाद कर देती है इसीलिए तीतर बटेर फसलों 

को वेश कीमती की फायदा पहुंचाते हैं 



पक्षी द्वारा परागण (Pollination by Bird)


कुछ छोटे पक्षी जैसे हमिंग बर्ड, सनबर्ड और हनी क्रीपर आदि कलरफुल फूलों की ओर कुछ 

पक्षी आकर्षित होते हैं छोटा पक्षी फूलों का रस चूसते हैं और उन पर मौजूद कीड़े और लार्वा भी 

कहते हैं जैसे ही पक्षी फूलों के संपर्क में आते हैं तो उनकी चौथ शरीर और पैरों में परागकण 

चिपक जाते हैं जब वह दूसरे फूल पर बैठते हैं तो वहां वह पहुंच जाते हैं और परागण हो जाता है 

पक्षियों द्वारा होने वाले इस परागण को विज्ञान की भाषा में ऑर्निथोफिली (Ornithophily) 

कहा जाता है 



पक्षियों द्वारा फसलों में प्राकृतिक खाद 


पक्षी खेतों में बीट (Droppings) करते हैं पक्षियों की बीट से मिट्टी में नाइट्रोजन फास्फोरस जैसे 

जरूरी मिनरल्स मिल जाते हैं और यह फसलों मैं न्यूट्रिशन का कार्य करते हैं जिस मिट्टी की 

फर्टाइल क्षमता बढ़ जाती है 



पक्षियों द्वारा खरपतवार नियंत्रण 


कुछ छोटे पक्षी जैसे तीतर, बटेर आदि छोटी घास और खरपतवार को खाकर कम करते हैं 

साथ ही उनके बीजों को खाकर उनकी संख्या को बढ़ाने से रोकते हैं 

इस तरह से पक्षी खरपतवार नियंत्रण करते हैं जिससे फसलों को उगाने में फायदा होता है 



फसलों के लिए क्यों जरूरी है पक्षी 


पक्षी केवल आसमान में उड़ने वाले जीव नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति और खेती के बीच एक 

महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गौरैया, मैना, अबाबील, हुदहुद जैसे पक्षी कीड़ों को खाते हैं, जिससे फसलों 

में कीटों का नियंत्रण भी रहता है और कीटनाशक दावों का खर्च  कम होता है

जबकि उल्लू और बाज जैसे शिकारी पक्षी चूहों को खाकर नियंत्रित करने में मदद करते हैं। 

जिससे फसले खेतों में बर्बाद नहीं होती और अधिक मुनाफा होता है



निष्कर्ष


पक्षी किसानों के दुश्मन नहीं, बल्कि खेतों के प्राकृतिक प्रहरी हैं। गौरैया से लेकर उल्लू और 

हुदहुद तक, कई पक्षी खेती के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अपना योगदान देते हैं। 

इसलिए फसलों के साथ-साथ इन पक्षियों की रक्षा करना भी हमारे लिए जरूरी है।

जिस खेत में पक्षियों की चहचहाहट बनी रहती है, वहां प्रकृति का संतुलन भी मजबूत रहता है। 



ऐसे पक्षी जो दूसरे पक्षियों का घोंसला इस्तेमाल करते हैं


गौरेया का वैज्ञानिक नाम,Scientific name of house sparrow



गौरेया क्यों नजर नहीं आती, House Sparrow

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