चील और बाज़ के बच्चों में अन्तर, कैसे पहचानें? जानिए आसान तरीका और जरूरी पहचान चिन्ह
चील और बाज़ के बच्चों में अन्तर, कैसे पहचानें?
जानिए आसान तरीका और जरूरी पहचान चिन्ह
आसमान में उड़ते हुए बाज और चील को पहचानना कई लोगों के लिए
आसान होता है, लेकिन जब बात इनके बच्चों यानी किशोर या juvenile
पक्षियों की आती है, तो पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसका
सबसे बड़ा कारण यह है कि कई शिकारी पक्षियों के बच्चों का रंग अपने
वयस्क पक्षियों से बिल्कुल अलग दिखाई देता है। कई बार बाज, चील और
दूसरे शिकारी पक्षियों के बच्चे भूरे, धब्बेदार या हल्के रंग के होते हैं,
इसलिए पहली नजर में उनमें अंतर करना कठिन हो जाता है।
भारत में समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि आम बोलचाल में कई अलग-
अलग शिकारी पक्षियों को “बाज”, “चील” या “गरुड़” जैसे नामों से पुकार
दिया जाता है। इसलिए किसी बच्चे की सही पहचान के लिए केवल उसके
नाम या एक रंग पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है।
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि बाज और चील के बच्चों की
पहचान कैसे करें, किन चीजों पर ध्यान दें और किन पक्षियों के साथ
उनका भ्रम हो सकता है।
सबसे पहले समझें बाज और चील में अंतर क्या है?
“बाज” और “चील” हमेशा किसी एक निश्चित प्रजाति के नाम नहीं होते।
आम भाषा में “बाज” शब्द कई प्रकार के hawks, sparrowhawks और
दूसरे शिकारी पक्षियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि “चील” शब्द
प्रायः kites के लिए इस्तेमाल होता है।
यही कारण है कि किसी बच्चे को देखकर केवल यह कहना कि वह “बाज
का बच्चा” या “चील का बच्चा” है, हमेशा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।
सही पहचान के लिए आपको उसके आकार, शरीर की बनावट, पूंछ का
आकार, पंखों की लंबाई, चोंच, आंखों का रंग, शरीर पर धारियां और
उड़ने के तरीके को एक साथ देखना चाहिए।
शिकारी पक्षियों की पहचान में विशेषज्ञ भी एक ही निशान पर निर्भर नहीं
करते। आकार, आकृति, रंग और उड़ान के तरीके जैसे कई संकेतों को
मिलाकर पहचान अधिक विश्वसनीय बनती है।
बाज के बच्चे की पहचान कैसे करें?
भारत में “बाज” कहे जाने वाले पक्षियों में कई प्रजातियां शामिल हो सकती
हैं। उदाहरण के लिए शिकरा (Shikra) एक छोटा शिकारी पक्षी है,
जिसके किशोर पक्षी को पहचानने के लिए शरीर के रंग और धारियों को
ध्यान से देखना पड़ता है।
शिकरे के बच्चे में आमतौर पर वयस्क नर की तरह साफ-सुथरा धूसर रंग
नहीं होता। किशोर पक्षी अधिक भूरे रंग का दिखाई दे सकता है और
उसकी छाती पर बूंद जैसी गहरी धारियां दिखाई देती हैं। गले पर गहरी
मध्य रेखा और शरीर के निचले हिस्से में धारियां भी पहचान में मदद कर
सकती हैं।
इसलिए अगर कोई छोटा शिकारी पक्षी पेड़ की शाखा पर बैठा है और
उसका शरीर भूरा है, छाती पर धारियां हैं तथा उसकी चोंच मजबूत और
मुड़ी हुई है, तो वह किसी छोटे hawk या शिकरे का किशोर पक्षी हो
सकता है।
हालांकि केवल इन लक्षणों के आधार पर अंतिम पहचान नहीं करनी
चाहिए, क्योंकि भारत में कई अन्य शिकारी पक्षियों के बच्चों में भी भूरे रंग
और धारियां दिखाई दे सकती हैं।
चील के बच्चे को पहचानना क्यों मुश्किल होता है?
चील यानी kite की कुछ प्रजातियों के बच्चे अपने माता-पिता से काफी
अलग दिखाई देते हैं।
इसका सबसे अच्छा उदाहरण ब्राह्मणी चील (Brahminy Kite) है।
वयस्क ब्राह्मणी चील को पहचानना अपेक्षाकृत आसान है। उसके शरीर का
बड़ा हिस्सा लाल-भूरे या chestnut रंग का होता है और सिर तथा छाती
सफेद दिखाई देती है। लेकिन उसका बच्चा ऐसा नहीं दिखता।
ब्राह्मणी चील के किशोर पक्षी का शरीर मुख्य रूप से भूरे रंग का होता है।
सिर और शरीर के निचले हिस्से का रंग अपेक्षाकृत हल्का हो सकता है और
पंखों के नीचे भी खास पैटर्न दिखाई दे सकते हैं। उसके बच्चे की चोंच भी
वयस्क पक्षी जैसी चमकीली नहीं होती।
यही कारण है कि कई लोग ब्राह्मणी चील के बच्चे को देखकर उसे काली
चील या किसी दूसरे शिकारी पक्षी का बच्चा समझ लेते हैं।
काली चील और ब्राह्मणी चील के बच्चे में अंतर
यह सबसे आम भ्रमों में से एक है।
काली चील यानी Black Kite के किशोर और ब्राह्मणी चील के किशोर
दोनों ही भूरे दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल शरीर का भूरा रंग देखकर
पहचान करना मुश्किल है।
ब्राह्मणी चील के किशोर में सामान्यतः रंग अपेक्षाकृत हल्का दिखाई दे
सकता है और उसकी पूंछ गोल या कम फांट वाली दिखाई देती है।
इसके विपरीत काली चील की पूंछ अधिक विशिष्ट रूप से दो हिस्सों में
हल्की फंटी हुई दिखाई दे सकती है।
उड़ते समय पूंछ का आकार इसलिए बहुत उपयोगी संकेत बन जाता है।
ब्राह्मणी चील की पूंछ गोल होती है, जबकि Milvus समूह की चीलों में पूंछ
अधिक फंटी हुई होती है।
हालांकि तेज हवा, दूर से देखने या पूंछ पूरी तरह फैली न होने की स्थिति में
यह अंतर साफ नहीं दिखाई दे सकता।
बच्चे की उम्र भी पहचान में महत्वपूर्ण है
एक ही प्रजाति के बच्चे की पहचान उसकी उम्र के अनुसार बदल सकती है।
बहुत छोटे बच्चे, जो अभी घोंसले में हैं, उनके शरीर पर मुलायम रोएं या
सफेद/हल्के रंग का down दिखाई दे सकता है। जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं,
असली पंख निकलने लगते हैं और उनका रंग बदलता जाता है।
इसके बाद जब वे घोंसले से बाहर निकलकर उड़ना सीखते हैं, तब भी वे
वयस्क पक्षी जैसे नहीं दिखते।
इसलिए किसी पक्षी को देखकर यह मान लेना कि “वह वयस्क जैसा नहीं
दिख रहा, इसलिए यह दूसरी प्रजाति है”, गलत हो सकता है।
कई शिकारी पक्षियों में juvenile plumage अलग होता है और उम्र बढ़ने
के साथ शरीर का रंग तथा पैटर्न धीरे-धीरे बदलता है।
चोंच को ध्यान से देखें
बाज और चील जैसे शिकारी पक्षियों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में
उनकी चोंच भी शामिल है।
इन पक्षियों की चोंच सामान्य दाना खाने वाले पक्षियों की तरह सीधी नहीं
होती। इसका ऊपरी हिस्सा आगे की ओर झुका हुआ और मजबूत होता है,
जो शिकार को पकड़ने तथा मांस के टुकड़े करने में मदद करता है।
लेकिन केवल चोंच देखकर प्रजाति तय करना मुश्किल है। आपको चोंच के
साथ cere यानी चोंच के आधार का हिस्सा, आंख, पैर और शरीर का
आकार भी देखना चाहिए।
किशोर पक्षियों में चोंच और आंखों का रंग भी वयस्कों से अलग हो सकता है।
इसलिए उम्र को ध्यान में रखना जरूरी है।
आंखों का रंग भी सुराग देता है
शिकारी पक्षियों की पहचान में आंखों का रंग उपयोगी संकेत हो सकता है,
लेकिन इसे अकेला प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण के लिए शिकरे के किशोर पक्षी की आंखें वयस्क नर की लाल
आंखों जैसी नहीं होतीं। किशोर पक्षी में आंखों का रंग पीला-भूरा या हल्का
दिखाई दे सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ आंखों का रंग बदल सकता है। इसलिए आंखों को
देखकर पहले पक्षी की उम्र का अनुमान लगाना और फिर अन्य पहचान
चिन्हों से मिलान करना बेहतर तरीका है।
पंखों का आकार देखें
जब कोई बाज या चील उड़ रही हो, तब उसके पंख बहुत महत्वपूर्ण संकेत
देते हैं।
ध्यान दें कि पंख चौड़े हैं या संकरे, लंबे हैं या छोटे, और उड़ते समय पक्षी
उन्हें किस तरह रखता है।
कुछ बड़े eagle प्रजातियों के किशोर पक्षियों में पंखों के नीचे सफेद या
हल्के रंग के बड़े पैटर्न दिखाई दे सकते हैं। कुछ प्रजातियों में पंखों पर
धारियां या हल्के किनारे होते हैं।
उदाहरण के लिए कुछ eagle juveniles में पंखों के नीचे स्पष्ट सफेद पट्टी
या हल्के पैटर्न पहचान में मदद कर सकते हैं।
उड़ान का तरीका भी पहचान में मदद करता है
अगर पक्षी बहुत ऊपर उड़ रहा है और उसका चेहरा या शरीर साफ
दिखाई नहीं दे रहा है, तो उसकी उड़ान को ध्यान से देखें।
क्या वह लगातार पंख फड़फड़ा रहा है?
क्या वह लंबे समय तक बिना पंख हिलाए हवा में चक्कर लगा रहा है?
क्या उसके पंख हल्के V आकार में हैं?
क्या पूंछ गोल दिखाई दे रही है या फंटी हुई?
ये सभी बातें पहचान में मदद करती हैं।
विशेषज्ञ पक्षी पहचानते समय केवल रंग नहीं देखते, बल्कि पक्षी की
shape और flight behaviour को भी महत्व देते हैं।
बाज और चील के बच्चे को पहचानने का आसान तरीका
अगर आपको खेत, पेड़, बिजली के खंभे या खुले मैदान में कोई अज्ञात
शिकारी पक्षी दिखाई दे, तो जल्दबाजी में उसका नाम तय न करें।
पहले ये सात चीजें देखें:
1. शरीर का आकार – छोटा, मध्यम या बहुत बड़ा?
2. शरीर का रंग – भूरा, काला, लाल-भूरा, सफेद या मिश्रित?
3. छाती का पैटर्न – धारियां, धब्बे या एक समान रंग?
4. पूंछ – गोल, सीधी या फंटी हुई?
5. पंख – चौड़े, लंबे या संकरे?
6. आंख और चोंच – इनका रंग और आकार कैसा है?
7. उड़ान – पंख फड़फड़ाने का तरीका और हवा में उड़ने की शैली कैसी है?
इन सभी संकेतों को एक साथ देखने पर पहचान की संभावना काफी बढ़
जाती है।
क्या केवल रंग देखकर बाज या चील के बच्चे की पहचान हो सकती है?
नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
कई शिकारी पक्षियों के बच्चों का रंग एक-दूसरे से मिलता-जुलता हो
सकता है। खासकर भूरे रंग के juvenile birds को देखकर गलती होने की
संभावना अधिक रहती है।
उदाहरण के लिए ब्राह्मणी चील का किशोर पक्षी वयस्क से काफी अलग
और अधिक भूरा दिखाई देता है। इसी तरह दूसरे raptors के juvenile भी
वयस्कों से अलग रंग और पैटर्न दिखा सकते हैं।
इसलिए सही पहचान के लिए रंग, आकार, पूंछ, पंख, चोंच, आंख,
उड़ान, और स्थान को एक साथ देखना सबसे अच्छा तरीका है।
निष्कर्ष
बाज और चील के बच्चों की पहचान पहली नजर में मुश्किल जरूर लगती
है, लेकिन थोड़े अभ्यास के बाद इसे समझना आसान हो जाता है। सबसे
जरूरी बात यह है कि किसी बच्चे की पहचान केवल उसके भूरे या काले
रंग को देखकर न करें।
अगर पक्षी बैठा हुआ है, तो उसके आकार, चोंच, आंख, छाती की
धारियों, पंखों और पूंछ को देखें। अगर वह उड़ रहा है, तो पंखों की
आकृति, पूंछ और उड़ने की शैली पर ध्यान दें।
और सबसे महत्वपूर्ण बात—एक ही प्रजाति के बच्चे और वयस्क पक्षी
अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। ब्राह्मणी चील इसका अच्छा उदाहरण है:
वयस्क के सफेद सिर और लाल-भूरे शरीर के विपरीत उसका juvenile
अधिक भूरा दिखाई देता है।
इसलिए अगली बार जब आपको किसी पेड़ पर या आसमान में कोई छोटा
शिकारी पक्षी दिखाई दे, तो तुरंत उसका नाम बताने के बजाय कुछ समय
उसे ध्यान से देखें। प्रकृति में सही पहचान अक्सर एक ही निशान से नहीं,
बल्कि कई छोटे-छोटे संकेतों को जोड़कर की जाती है।
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